दिन भर की थकान का आराम है घर,बचपन के बचपने की दुकान हैं घर।कभी रसोई की खुश्बू से भरा हुआ,कभी त्योहारों के रंग समेटा हुआ,छोटी छोटी खुशियों की ठिठोली कभी,खेल-कूद का मैदान है घर।दुनिया की सबसे महफूज़ जगह या,छोटी - सी जगह में पूरी दुनिया,उम्र भर जिसकी दीवार सजाते...