"उम्मीद जिंदा है "

"उम्मीद जिंदा है "

A
Ashutosh Rajauria
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About this book

"उम्मीद जिंदा है "​घोर अंधेरा छाया हो, चाहे चारों ओर निराशा हो,जब राहें धुंधली पड़ जाएं, दिल में बस हताशा हो ।तब मन के कोने में तुम, एक छोटा सा दीप जलाए रखना,तूफानों से लड़ने का, दिल में वो जज्बा बनाए रखना।याद रहे हर रात के बाद, एक नया सवेरा आता है,जो हिम्मत हार...