तुम्हारे जाने के बाद

तुम्हारे जाने के बाद

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Nitish Kumar Pandey
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About this book

तुम्हें क्या बताऊँ इश्क़ क्या है, ये वो ज़हर है जिसे हम दवा समझकर पीते हैं। तुम आए तो लगा ज़िंदगी मिल गई, तुम गए तो पता चला ज़िंदगी थी ही नहीं। मैंने तुम्हें चाहा था ख़ुदा की तरह, तुमने मुझे छोड़ा काफ़िरों की तरह। अब हाल ये है कि तुम्हारा नाम सुनकर न मुस्कुराता हूँ, न रोता हूँ — बस एक सिगरेट और जला ...