सवालों के मलबे में दबा हिंदुस्तान

सवालों के मलबे में दबा हिंदुस्तान

S
Syed Niaz
Connecting to Wreadom...

About this book

इस मुल्क में आज गुनहगार खुलेआम मुस्कुराते हैं, और किताब पकड़े हाथों पर हथकड़ियाँ डाल दी जाती हैं। कहीं दरिंदे बाहर हैं, कहीं मासूम भीतर, इंसाफ़ की आँखों पर जैसे सियासत की पट्टी बाँध दी जाती है। पहाड़ों को बम से उड़ाया गया , कहा गया “तरक़्क़ी” है, मिट्टी माँ की थी, मगर सौदा चंद ताक़तवरों की बस्ती में...