बचपन का मासूम प्यार

बचपन का मासूम प्यार

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CHANDER MITTAL
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About this book

बचपन का मासूम प्यार दस साल बाद आज अचानक, वह राहों में टकराई थी,दिल जोर से धड़का मेरा, आंखों में नमी सी आई थी।वही चेहरा, वही आंखें, पर अंदाज ज़रा सा बदला था,जो कभी सादगी की मूरत थी, आज उसपर अमीरी का साया था।सुना था उसके वालिद (पिता) का अब बड़ा कारोबार है,महंगी...