गर्भ में सब सहने वाली लड़की,बिन आंसु के रोने वाली लड़की।समाज का दोहरापन देखती हैं,समाज से ही ठुकराई हुई लड़की।बेटी हो बेटा नहीं सुनने वाली लड़की,रंगों का भेदभाव झेलने वाली लड़की।रसोई को ही अपना पुस्तकालय समझ,चौका, बेलन,रोटियों में सिमटी लड़की।सपनों को अपने कुच...