साहित्य केवल शब्दों का जाल नहीं, बल्कि समाज का वह जीवंत दर्पण है जिसमें हम अपनी आत्मा और परिवेश का अक्स देखते हैं। ‘सुमन सृजन’ लेखिका सुमन मीना के अंतर्मन से उपजी भावनाओं, गहन विचारों और सामाजिक सरोकारों का एक उत्कृष्ट काव्य-संग्रह है। कविता और ग़ज़ल के इस अनूठे संगम में ज्वलंत और महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों को केंद्र में रखकर, बड़ी ही कुशलता से पिरोया गया है। भावनाओं की खुशबू से खिला है अंतर्मन, साहित्य का नया सवेरा है— सुमन सृजन।