साहित्य और प्रकृति

साहित्य और प्रकृति

A
Ashutosh Malviya
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About this book

कभी कभी सोचता हूं कि ये सोच भी कैसी है? हर सवाल का उत्तर साहित्य में ढूंढना ! शायद ये हमारी बेबसी है,या फिर कमज़ोरी दर्शाने की,कि हम किसी बात से या खुश हैंया दुखी हैं! साहित्य प्राकृतिक नियमों के खिलाफ चलते आया है।किसी पहाड़ ने किसी को कुछ नहीं सिखाया,किसी समंदर...