बातों में रास्ते कट जाते हैं

बातों में रास्ते कट जाते हैं

कुंदन राज दत्ता "निश्छल"
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About this book

*बातों में रास्ते कट जाते हैं*बातों में रास्ते कट जाते हैं,जब तुम मेरे साथ सफर में होती हो।रेल की खिड़की से आती हवा में,तुम मेरी धड़कनों में खोती हो।वो पहली मुलाक़ात आज भी,मेरे दिल के कोने में ज़िंदा है।तुम अजनबी होकर भी जैसे,मेरी हर दुआ का हिस्सा हो।भीड़ भरे...