*"उम्मीद ज़िंदा है"*उम्मीद ज़िंदा है, तो सफ़र अभी बाकी है,अँधेरों के पार एक नया सवेरा अभी बाकी है।गिरकर जो संभल जाए, वही इंसान कहलाता है,मुश्किलों से लड़कर ही जीवन मुस्कुराता है।तूफ़ानों ने चाहे लाख रास्ते रोके हों,हौसलों ने फिर भी नए सपने संजोए हों।हर रात की...