जैसे किसी पुरानी हवेली में,जो बरसों से बंद पड़ी हो,भटक रही हो कोई रूहमुक्ति की तलाश में...वैसे ही मेरे इस दिल में,तुम्हारी यादेंबरसों से कैद हैं,इस आस में किकभी कोई दरवाज़ा खोलेगाऔर इन्हें आज़ाद करेगा।लेकिन जैसे लोग,डरावनी हवेली में जाने से डरते हैं,क्योंकि कई...