वहम

वहम

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Hardik Mahajan
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About this book

वहम पाल रखे हैं तुमने अपने मन में,कोई इस दुनिया में बिना मतलब के साथ नहीं देता।जब तक खुद पर न गुजरे कोई परेशानी,डूबने वाले को भी कोई हाथ नहीं देता।मगर ये भी सच है कि हर शख़्स एक-सा नहीं होता,हर रिश्ता स्वार्थ की नींव पर खड़ा नहीं होता।कुछ लोग दर्द बाँटकर भी मु...