दिव्य वरदानआँगन में गूँजी एक मासूम सी किलकारी है,जैसे बरसी रब की कोई रहमत प्यारी है।अंधेरों को चीरकर एक नया सवेरा आया है,मेरे जीवन में आज एक नन्हा फरिश्ता आया है।खुशियों की महक से सारा घर महक उठा,उसकी एक मुस्कान से मेरा हर कोना चहक उठा।कदम पड़े जो उसके, तो सू...