हम हँसाते हैं तो अच्छा है ना...ज़माने की बेरुखी में, एक छोटा सा सहारा हैं हम,डूबते हुए दिलों के लिए, जैसे कोई किनारा हैं हम।लोग पूछते हैं अक्सर, कि क्यों हर पल मुस्कुराते हो,अपने ग़म छुपाकर, क्यों औरों को हँसाते हो?तो सुनो...हम हँसाते हैं तो अच्छा है ना,वरना ल...