शिविषा ( एक अनोखी प्रेम कहानी)

शिविषा ( एक अनोखी प्रेम कहानी)

S
Shivom Upadhyay
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About this book

एक दिन यूं ही शिव इंस्टा स्क्रॉल कर रहा था, अपना समय बिताने के लिए। फिर अचानक एक रील पर उसकी उंगलियां रुक गईं।वो रील एक लड़की की थी, जो पढ़ रही थी एक कविता, जिसकी कुछ पंक्तियां यूं थीं— _"दिया था चाहत में जो तूने वो ग़ुलाब, संभाले रखा है"_। फिर समझ आया कि गुला...