एक दिन यूं ही शिव इंस्टा स्क्रॉल कर रहा था, अपना समय बिताने के लिए। फिर अचानक एक रील पर उसकी उंगलियां रुक गईं।वो रील एक लड़की की थी, जो पढ़ रही थी एक कविता, जिसकी कुछ पंक्तियां यूं थीं— _"दिया था चाहत में जो तूने वो ग़ुलाब, संभाले रखा है"_। फिर समझ आया कि गुला...