"सृजन "हर हर्फ़ को बखूबी सजाते हैं ,मन की बात मन तक पहुँचाते हैं ,सृजन का जिम्मा लिया है मन से हमने इसलिए,छुपा कर दर्द अपना हर पल शब्दों की माला पिरोते हैं ।....आशुतोष राजौरिया