तुम साथी हो

तुम साथी हो

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Gunjan Johari
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About this book

तुम साथी हो, हमसफ़र हो, रूह में बसे एहसास हो,मेरे हर आंसू के पीछे छिपी एक मीठी प्यास हो,,मोहब्बत तो है तुमसे, इसमें कोई कमी नहीं,हमको तुम पसंद हो, पर साथी नहीं हो,,फिर भी तेरी यादों का दिया जलता रहेगा,दिल के किसी कोने में नाम पलता रहेगा,,मिलना न सही, दूरियों क...