देश के हालात आजकल ना जाने कैसे हो गए हैं, बेरोजगार हैं युवा देश के और नेता सारे सो गए हैं।जनता की आवाज़ सुने कौन सब बहरे हो गए हैं,जिसपे था विश्वास वही कटघरे में खड़े हो गए हैं।मंदिर मस्जिद की बातों पर भाषण बड़े हो गए हैं,जनता को ना करो गुमराह सभी...