मां मेरे लिए मां नहीं थी कभी,एक पुल थी।पिता तक पहुंचने के लिएहमे इसी पुल से होकर आना- जाना होता था।कोई बात पहुंचानी हो, याकोई तकलीफ़।इसी पुल सेसब आना- जाना होता था।बच्चों की इच्छा,मनुहार,प्यार, दरकार,यहां तक किबच्चों का बुखार भीमां की हथेलियों से हीपिता तक पहु...