मैं जीवित हूँ

मैं जीवित हूँ

S
Shreya Bishnoi
Connecting to Wreadom...

About this book

मैं जीवित हूँ , यह केवल श्वासों का चलना नहीं, यह समय की धारा में अपना चिन्ह अंकित करना है। मैं जीवित हूँ , जब सुबह की पहली किरण मेरे अंतर्मन को छूती है, और मैं आशा के दीप को फिर से प्रज्वलित करती हूँ। मैं जीवित हूँ , जब पीड़ा की चुभन भी मुझे तोड़ नहीं पाती, बल्कि मेरे धैर्य को और दृढ़ बना जाती है। म...